टोल फ्री नंबर: 1800-34-53627 ईमेल पता: rd-ner@esicner.in
मुख्य पृष्ठ | स्थान मानचित्र | संपर्क

(1) “महत्वपुर्ण सूचना” : 30 (तीस) दिनों के अंदर, अस्थाई पहचान पत्र की समाप्ति” : अधिक जानकारी के लिए, “नवीनतम सूचना” देखें। (2) आफलाइन चालानों की स्वीकृति एस.बी.आई. शाखाओं द्वारा – के संबंध में : अधिक जानकारी के लिए, “समाचार एवं घटनाक्रम” देखें।

हमारे बारे में

पूर्वोत्तर राज्यों में कर्मचारी राज्य बीमा योजना 1958 में ही क्षेत्रीय कार्यालय, पश्चिम बंगाल के अंतर्गत लागू किया गया था । और फिर 70 के दशक में , क्षेत्रीय कार्यालय गुवाहाटी के साथ पूर्वोत्तर क्षेत्र में एक स्वतंत्र क्षेत्र बनाया गया । प्रारंभ में, यह योजना असम राज्य में 5 केन्द्र पर लागू किया गया । धीरे-धीरे, सतत् और प्रतिबद्ध प्रयासों से, इस योजना का विस्तार 1980 में पूरे असम और मेघालय में किया गया । उसके बाद, वर्ष 2008 में नागालैंड तथा 2009 में त्रिपुरा में इस योजना का विस्तार किया गया । वर्तमान में, इस योजना को पूर्वोत्तर भारत के तीन राज्यों - अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर तथा मिजोरम में विस्तार किया जाना शेष है । इन तीन गैर कार्यान्वित राज्यों में इस योजना के विस्तार के लिए इष्टतम प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही इन राज्यों में भी अच्छी तरह से यह योजना लागू किया जायोगा । नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों / बीमाकृत व्यक्तियों की संख्या एक लाख की दहलीज को पार कर गया है और यह आँकड़ा बढ़ने की प्रवृत्ति पर ही है । बेलतला, गुवाहाटी स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम, आदर्श अस्पताल के अलावे, माध्यमिक इलाज के लिए 5 टाई-अप अस्पताल और असम तथा त्रिपुरा में अति-विशिष्ट उपचार के लिए 8 टाई-अप अस्पताल हैं । प्राथमिक उपचार के लिए भी , इन 4 कार्यान्वित राज्यों में 29 कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय और एक एनेक्सी अस्पताल है । नकद हितलाभ तथा हितलाभाधिकारी संबंधी सेवाएँ प्रदान करने के लिए क्षेत्रीय कार्यालय गुवाहाटी के अलावे इन 4 कार्यान्वित राज्यों में 15 शाखा कार्यालय हैं ।

 

          “ आई. टी. रोल आउट “ कार्यक्रम के अंतर्गत, यह योजना सुचारू रुप से चल रहा है । नियोक्ताओं और कर्मचारियों का पंजीकरण अब 100% आनलाइन किया जा रहा है ।  सभी भुगतान – जैसे - हितलाभ भुगतान, तीसरे पक्ष का भुगतान, व्यक्तिगत दावे आदि- सभी आँनलाइन माध्यम से ही किए जा रहे है जिससे हितलाभाधिकारियों को कम परेशानी हो रही है ।