टोल फ्री नंबर: 1800-34-53627 ईमेल पता: rd-ner@esicner.in
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(1) “महत्वपुर्ण सूचना” : 30 (तीस) दिनों के अंदर, अस्थाई पहचान पत्र की समाप्ति” : अधिक जानकारी के लिए, “नवीनतम सूचना” देखें। (2) आफलाइन चालानों की स्वीकृति एस.बी.आई. शाखाओं द्वारा – के संबंध में : अधिक जानकारी के लिए, “समाचार एवं घटनाक्रम” देखें।

अन्त: रोगी उपचार

क.रा.बी. योजना के अधीन सभी क्षेत्रें में बीमाकृत व्यक्ति और पूर्ण चिकित्सा देख-रेख सुविधा क्षेत्रें में उनके परिवार के सदस्य अस्पताल में भर्ती होने के पात्र् हैं |

अन्त: रोगी उपचार, क.रा.बी.नि. द्वारा निर्मित अस्पतालों में या राज्य सरकार स्थानीय निधि संगठन या गैर-सरकारी निकायों में बिस्तर आरक्षित करके या इस प्रकार के संस्थानों में उप भवन निर्मित करके उपलब्ध करवाया जाता है | निगम ने पूरे भारत में मुख्यत: समानता और स्तरीकरण की दृष्टि से विभिन्न आकार के अस्पताल/उप भवन के निर्माण हेतु मानक योजनाएं बनाई हैं | (क.रा.बी. योजना इन बिस्तरों के लिए बिस्तर अधिभोगित दिनों के आधार पर भुगतान करता है)

निगम ने विभिन्न बिस्तर क्षमताओं वाले अस्पतालों के लिए उपस्करों और स्टाफ हेतु प्रतिमानक भी स्थापित किए हैं | 

औषधियाँ और मरहम पटि्रटयाँ

सभी औषधियाँ और मरहम पटि्रटयाँ (टीके और सेरा सहित) जो कि आवश्यक माने जाते हैं और जो प्राय: क.रा.बी.नि. औषधि नियमावली के अनुसार है, की नि:शुल्क आपूर्ति की जाती है | क.रा.बी.नि. औषधि नियमावली, 1948 दो भागों में है जो कि निम्नानुसार है :

भाग-I:- आपात किट हेतु औषधियों की सूची

  • औषधालय
  • अस्पताल के लिए आपात किट हेतु औषधियों की सूची

भाग-II:-औषधालयों द्वारा सेवा क्षेत्रें में या पैनल क्षेत्रें में औषध निर्देशन पर अनुमोदित दवा विक्रेता या डिपो द्वारा आपूर्त की जाने वाली औषधियों की सूची |